बुधवार, 22 अगस्त 2012

बेबसी दिल के दर्द का ! २४-११-२००७

मेरे दिल में गम पहले से कम ना था, जो तुने दिया इसका दर्दे गम है मुझे.

प्यार किया था तुझसे बेइंतहा इसका सिला मिला मुझे 

तेरे दिल की गहराइयों में ना पहुंचा मेरा प्यार इसका गम है मुझे .

मेरी तक़दीर ने दिया है अजीबोगरीब तोहफा मुझे 

जिसे ना कह सकता न् ही  अब बता  सकता तुझे .

तुझे जो करना था कर डाला पर,

 मेरे पे क्या बीतेगी  जरा भी ना सोचा तुमने .

अपने दर्द को दिखाऊ तुम्हे कैसे अश्क बन कर आँखों से बरसता है ये. 

:: राम प्रकाश   कुशवाहा  "औलिया"

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