मै तेरे प्यार में पागल हूँ , मै तेरा हूँ मै बस तेरा !
तु मेरी बनकर रहना सदा, मै तेरा हूँ मै बस तेरा!
मै तेरे प्यार को याद करूँ तो, कट जाता सारा दिन मेरा |
मै तेरे चहरे का किताब पढूं ,दिन हो या हो रात सही !
तु मेरे ख्वाबों में खोयी रहो ,रब से मेरी दरख्वास्त यही..!
तु सुन मेरी या ना ही सही, दिल की सुन लेना बस यार सही|
मेरे दिल की आवाज़ है तु, तु मेरी है बस है मेरी !
दिल का करार खो जाता है, हो जाता हूँ बेचैन बड़ी |
मेरे जीवन की रास है तु, तु दिल की है अब चैन मेरी !
तु मेरे जीने का सहारा है, इस कश्ती का सहारा तुही !
तु ही मेरी मंजिल तु ही, अब तेरे सिवा कुछ और नहीं!
तेरे प्यार में जीना है, तेरे प्यार को पाना है मुझको |
तु मुझको भूल ना जाना कहीं, ये प्यार है कोई खेल नहीं!
रब से एक गुजारिश है मेरी ,सारा जीवन मै बिताऊं साथ तेरे|
मै तेरे माथे की बिंदिया बनू, तु मेरे दिल की रानी बने ||
तु मेरी बनकर रहना सदा, मै तेरा हूँ मै बस तेरा!
मै तेरे प्यार को याद करूँ तो, कट जाता सारा दिन मेरा |
मै तेरे चहरे का किताब पढूं ,दिन हो या हो रात सही !
तु मेरे ख्वाबों में खोयी रहो ,रब से मेरी दरख्वास्त यही..!
तु सुन मेरी या ना ही सही, दिल की सुन लेना बस यार सही|
मेरे दिल की आवाज़ है तु, तु मेरी है बस है मेरी !
दिल का करार खो जाता है, हो जाता हूँ बेचैन बड़ी |
मेरे जीवन की रास है तु, तु दिल की है अब चैन मेरी !
तु मेरे जीने का सहारा है, इस कश्ती का सहारा तुही !
तु ही मेरी मंजिल तु ही, अब तेरे सिवा कुछ और नहीं!
तेरे प्यार में जीना है, तेरे प्यार को पाना है मुझको |
तु मुझको भूल ना जाना कहीं, ये प्यार है कोई खेल नहीं!
रब से एक गुजारिश है मेरी ,सारा जीवन मै बिताऊं साथ तेरे|
मै तेरे माथे की बिंदिया बनू, तु मेरे दिल की रानी बने ||
::राम प्रकाश कुशवाहा "औलिया"
without written permission of RAM PRAKASH , commercially print,distribute or use of any of this blog poetry is/are prohibited || Subject to Aurangabad (bihar)India Jurisdiction only..