बुधवार, 22 अगस्त 2012

डरता हूँ मै और दिल मेरा !

तेरी हंसी चेहरा धडकता है दिल मेरा !

हँस के बातें करना बहकता है दिल मेरा!

तेरे चेहरे की रौनक मजबूर करता है मुझे !

कहूँ दिल की बात ,कहता है दिल मेरा!

तुझको पाया है बड़ी मुश्किल से ,

खो ना दूँ , डरता हूँ मै और दिल मेरा!

अर्ज है तुमसे कभी जुदा ना होना मुझसे !

तन्हाई की बस तुम ही एक रोनक हो ,दूर ना होना मुझसे!

::राम प्रकाश कुशवाहा "औलिया"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हमें आपकी राय जानने की इच्छा है ....