My name is Ram Prakash but i write my poem with the name of Ram Prakah kushwaha 'auliya'.
वैसे तो मैंने कंप्यूटर अप्लीकेशन में मास्टर डिग्री किया है ,पर लिखने का शौक मुझे अचानक जगा ! या फिर कहूँ कि, ये शौक किसी की याद का दिया हुआ तोहफा है,तो गलत नहीं होगा |
जब इंसान को उसकी मंजिल नहीं मिलती है तो, वो या तो उसकी चाह में, पागलों की तरह भटकता है या फिर, पागल हो जाता है| लेकिन, मुझे मेरी मजिल नहीं मिली | पर, एक खूबसूरत हुनर आ मिला ,एक ऐसा हुनर जो मेरे दिल के उन ख्यालों ,और उस ख्याल में बसे बुरे और अच्छे अनुभव को कागज पर गीत ,गजल के रूप में लिखने का हुनर .....जिसने मुझे पागल होने से बचा लिया |
खास कर मुझे किशोर जी, लता जी, मुकेश कुमार और रफ़ी के गाने बेहद पसंद आते हैं |खास अवसरों पर मुझे रीमिक्स गानें सुनना अच्छा लगता है |
गानों के अलावा, मै स्कूल स्तर पर फूटबाल का खिलाड़ी रह चूका हूँ तथा, स्कूल की तरफ से "सुब्रतो कप फूटबाल टूर्नामेंट " में स्कूल का प्रतिनिधित्व, आलराउंडर के रूप में, कर चुका हूँ. आर्मी में जाना मेरी ख्वाहिश थी, जिस वजह से, मैंने स्कूल स्तर और कॉलेज स्तर पर NCC Army ज्वाइन किया तथा NCC Army का सर्टिफिकेट 'अ' और 'ब' (Certificate 'A' aur 'B') भी लिया | चूँकि घर का एकलौता था, माँ और पापा नेआर्मी में जाने नहीं दिया | उन्होंने मुझे फिर कंप्यूटर की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया |
डिग्री पूरा करने के दरम्यान, मैं कोचिंग में कंप्यूटर की भाषा भी सिखाया करता था पर, उसके बाद मैंने एक कंपनी में web designer का काम भी किया | काम पसंद ना आने की वजह से छोड़ दिया |
अब, मै एक विदेशी भाषा (पोलिश : पोलैंड देश की भाषा) सीख रहा हूँ |
वैसे तो मैंने कंप्यूटर अप्लीकेशन में मास्टर डिग्री किया है ,पर लिखने का शौक मुझे अचानक जगा ! या फिर कहूँ कि, ये शौक किसी की याद का दिया हुआ तोहफा है,तो गलत नहीं होगा |
जब इंसान को उसकी मंजिल नहीं मिलती है तो, वो या तो उसकी चाह में, पागलों की तरह भटकता है या फिर, पागल हो जाता है| लेकिन, मुझे मेरी मजिल नहीं मिली | पर, एक खूबसूरत हुनर आ मिला ,एक ऐसा हुनर जो मेरे दिल के उन ख्यालों ,और उस ख्याल में बसे बुरे और अच्छे अनुभव को कागज पर गीत ,गजल के रूप में लिखने का हुनर .....जिसने मुझे पागल होने से बचा लिया |
कभी आती है, तो हँसा जाती है ,
कभी आती है, तो रुला जाती है |
इसके अलावा मुझे घुमने , लोगों से मिलने का शौक है | मैं भारतीय संगीत को भी बहुत पसंद करता हूँ | मै जब घर में होता हूँ तो हमेशा पुराने और सूफियाना संगीत सुनता रहता हूँ | सूफी संगीत मुझे सकूँ देते हैं और, पुराने फिल्म के गाने मुझे दिल से प्यारे हैं |खास कर मुझे किशोर जी, लता जी, मुकेश कुमार और रफ़ी के गाने बेहद पसंद आते हैं |खास अवसरों पर मुझे रीमिक्स गानें सुनना अच्छा लगता है |
गानों के अलावा, मै स्कूल स्तर पर फूटबाल का खिलाड़ी रह चूका हूँ तथा, स्कूल की तरफ से "सुब्रतो कप फूटबाल टूर्नामेंट " में स्कूल का प्रतिनिधित्व, आलराउंडर के रूप में, कर चुका हूँ. आर्मी में जाना मेरी ख्वाहिश थी, जिस वजह से, मैंने स्कूल स्तर और कॉलेज स्तर पर NCC Army ज्वाइन किया तथा NCC Army का सर्टिफिकेट 'अ' और 'ब' (Certificate 'A' aur 'B') भी लिया | चूँकि घर का एकलौता था, माँ और पापा नेआर्मी में जाने नहीं दिया | उन्होंने मुझे फिर कंप्यूटर की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया |
डिग्री पूरा करने के दरम्यान, मैं कोचिंग में कंप्यूटर की भाषा भी सिखाया करता था पर, उसके बाद मैंने एक कंपनी में web designer का काम भी किया | काम पसंद ना आने की वजह से छोड़ दिया |
अब, मै एक विदेशी भाषा (पोलिश : पोलैंड देश की भाषा) सीख रहा हूँ |

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