दिल तोडने वाली ऐ बता मेरा कसूर क्या है?
मैंने प्यार किया है तुझसे, इसमें गलत क्या है?
मेरी दिल-ए-जिगर रोता दिल देखने की जरुरत क्या है ?
मैंने जो किया है उसकी सजा बता मुझे
मैंने प्यार किया था तुझसे,इसमें गलत क्या है ?
तेरे दिल में अगर कोई था तो गलत क्या था ?
तुने तो एक झटके में दिल तोड़ा
इसमे दिल का कसूर क्या था?
मैंने तो प्यार किया था तुझसे ,इसमें गलत क्या है?
मैं
तड़पता था तुझसे मिलने को इसमे गलत क्या था ?
तू भी तो तड़पती थी मिलने को इसमे गलत क्या था?
ये अलग और बात है तू किसी और को चाही
तो इसमें मेरा कसूर क्या है?
तुने एक झटके में दिल तोड़ा
इसमें दिल का कसुर क्या था ?
मैंने चाहा तुझे दिलों जन से तू मुझे नहीं चाही
तो इसमे मेंरा कसूर क्या है?
प्यार तो प्यार होता है इसमें दिल का कसूर क्या है ?
दिल तोड़ने वाली ऐ बता मेरा कसूर क्या है?
::::by Ram Prakash Kushwaha "aulia"
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