तुने मुझे गलत समझी तो समझी कैसे ?
मैंने तो अपने दिल की बात कही पर तू गलत समझी कैसे ?
शायद ये मेरी गलती थी जो मैं तुम्हे अपने दिल का हाल कहा.
पर तू इसे गलत समझी तो समझी कैसे ?
उतावलापन सही होता है पर ज्यादा सही नहीं होता.
मेरा उतावलापन देखकर शायद गलत समझी मुझे.
मेरे प्यार के इजहार में कुछ गलत नहीं था |
पर तुने उसे गलत समझी तो समझी कैसे ?
हर दिल की बातें नहीं करता मै अपने दिल की करता हूँ ,
दिल से दिल नहीं मिला तो इसे समझूँ कैसे?
अब शायद आखरी हो गुजारिश मेरी
ये मेरे दिल की आवाज है पर मै अब अपने दिल को समझाऊँ कैसे?
:::राम प्रकाश कुशवाहा "औलिया"
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