सोमवार, 11 जून 2012

संभाल लूँगा बड़ी मुश्किल से ? ११-७-२००७

दिल को सम्हाला है बड़ी मुश्किल से,

हालात  समझकर दिल को समझाया है बड़ी मुश्किल से,

तुने चाह कर भी ना चाही मेरी बदनसीबी थी ,

मैंने अपने आप को सम्हाला है बड़ी मुश्किल से.

एक दिल तेरा था एक मेरा भी,

पर मैंने अपने दिल को सम्हाला है बड़ी मुश्किल से .

समय भी खराब था और दिन भी खराब थे ,

ये यादें जेहन में सम्हाल कर रखा है बड़ी मुश्किल से.

प्यार में पागल हो जातें हैं लोग पर,

मैंने अपने आप को सम्हाला है बड़ी मुश्किल से.

तू सामने आये तो शायद बात भी ना हो ,

उस समय अपने आप को सम्हाल लूँगा बड़ी मुश्किल से.
::::by Ram Prakash Kushwaha "aulia"

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