शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017

ऐसा कुछ कर जा ऐ जिंदगी....एक ख्वाहिस..जुलाई २०१६


ऐसा कुछ कर जा ऐ जिंदगी, सकूँ से ही सकूँ मिले |
न हो उदास सी ये जिंदगी , कुछ ऐसी वजह मिले ||

बनकर इन्सान सा रहू मैं, अपने दुखी न हों|
ऐसा कर जा ऐ जिंदगी ............................||
न हो उदास सी ये....................................|

आदतें  सब हो, बातें सब हो, बातों औ आदतों में सभी शामिल |
मेरी बातों से न किसी का दिल दुखें, मेरी आदतों से न सिकवा हो कभी||

ऐसा कुछ कर जा ऐ ...........................|
न हो उदास सी ये ...............................||

आँखों में बसी हो जो बेबसी उसे ख़ुशी में बदल दूँ|
जो उदास सी हो किसी की जिंदगी , उसे हंसी में बदल दूँ||

कुछ ऐसा करम कर ऐ जिंदगी मेरी वजह से ख़ुशी मिले |
न हो उदास सी ये जिंदगी ...............................||


::राम प्रकाश कुशवाहा "औलिया"

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